Up Board New Exam Pattern 2026: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में नया परीक्षा पैटर्न लागू किया है। यह बदलाव उन लाखों छात्रों के लिए बेहद अहम है जो आने वाले महीनों से बोर्ड परीक्षा की तैयारी में जुटे हुए हैं। हर साल की तरह इस बार भी छात्रों और अभिभावकों के मन में परीक्षा को लेकर कई सवाल हैं। ऐसे में नया पैटर्न समझना और उसी के अनुसार तैयारी करना जरूरी हो जाता है।
बोर्ड की ओर से यह बदलाव नई शिक्षा नीति के अनुरूप किया गया है। इसका उद्देश्य केवल किताबों से रटा हुआ ज्ञान नहीं बल्कि छात्रों की समझ सोच और विषय पर पकड़ को परखना है। बोर्ड का मानना है कि इस तरह की परीक्षा प्रणाली से छात्र आगे की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर रूप से तैयार हो सकेंगे।
Up Board New Exam Pattern 2026
यूपी बोर्ड की कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं वर्ष 2026 में 18 फरवरी से शुरू होकर 12 मार्च तक चलेंगी। बोर्ड ने परीक्षा को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए मॉडल पेपर और सिलेबस पहले ही जारी कर दिया है। इससे छात्रों को यह अंदाजा मिल सके कि किस तरह के प्रश्न पूछे जाएंगे और किन बातों पर ज्यादा ध्यान देना है।
यूपी बोर्ड कक्षा 10वीं का नया परीक्षा पैटर्न
हाईस्कूल परीक्षा में इस बार अंक विभाजन पहले की तुलना में अधिक स्पष्ट किया गया है। अधिकांश विषयों में थ्योरी परीक्षा 70 अंकों की होगी जबकि 30 अंक आंतरिक मूल्यांकन या प्रैक्टिकल के लिए निर्धारित किए गए हैं। प्रश्न पत्र को दो भागों में बांटा गया है।
पहले भाग में बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे। इसमें कुल 20 प्रश्न पूछे जाएंगे और प्रत्येक प्रश्न एक अंक का होगा। इन सभी प्रश्नों के उत्तर ओएमआर शीट पर भरने होंगे। यह हिस्सा छात्रों की त्वरित सोच और विषय की बुनियादी समझ को जांचने के लिए रखा गया है।
दूसरे भाग में वर्णनात्मक प्रश्न होंगे। इसमें बहुत छोटे उत्तर छोटे उत्तर और लंबे उत्तर वाले प्रश्न शामिल रहेंगे। इस भाग के कुल अंक 50 होंगे। यहां छात्रों को अपने शब्दों में उत्तर लिखने का मौका मिलेगा जिससे उनकी लेखन क्षमता और विषय पर पकड़ का आकलन किया जा सकेगा।
यूपी बोर्ड कक्षा 12वीं परीक्षा में क्या बदला
इंटरमीडिएट परीक्षा में भी पैटर्न को संतुलित किया गया है। अधिकतर विषयों में कुल अंक 100 रहेंगे। विज्ञान वर्ग के छात्रों के लिए थ्योरी परीक्षा 70 अंकों की होगी और प्रैक्टिकल 30 अंकों का होगा। अन्य विषयों में थ्योरी के साथ आंतरिक मूल्यांकन शामिल किया गया है। प्रश्न पत्र में बहुविकल्पीय प्रश्नों के साथ छोटे और लंबे उत्तर वाले प्रश्न पूछे जाएंगे। परीक्षा की अवधि अधिकांश विषयों में 3 घंटे 15 मिनट की होगी। बोर्ड ने साफ कर दिया है कि हर विषय में पास होने के लिए न्यूनतम 33 प्रतिशत अंक लाना जरूरी होगा।
छात्रों की बढ़ी चिंता और तैयारी का दबाव
नए पैटर्न की जानकारी सामने आने के बाद कई छात्रों में हल्की चिंता भी देखी जा रही है। खासकर उन छात्रों के लिए यह बदलाव चुनौतीपूर्ण है जो सिर्फ किताबों से रटकर पढ़ाई करते रहे हैं। अब उन्हें कॉन्सेप्ट को समझकर पढ़ना होगा। हालांकि जानकारों का कहना है कि अगर छात्र समय रहते सही दिशा में तैयारी शुरू कर दें तो यह पैटर्न उनके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
परीक्षा की तारीखें और जरूरी अपडेट
बोर्ड परीक्षा का आयोजन दो पालियों में किया जाएगा। सुबह की पाली और दोपहर की पाली में अलग अलग विषयों की परीक्षा होगी। कक्षा 12वीं के प्रैक्टिकल एग्जाम जनवरी से फरवरी के बीच कराए जाएंगे। बोर्ड की ओर से एडमिट कार्ड परीक्षा से कुछ समय पहले जारी किए जाएंगे। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अपने स्कूल और आधिकारिक सूचनाओं पर नजर बनाए रखें।
क्यों जरूरी है नए पैटर्न को समझना
नया परीक्षा पैटर्न केवल अंक लाने के लिए नहीं बल्कि छात्रों को भविष्य के लिए तैयार करने के उद्देश्य से बनाया गया है। बहुविकल्पीय प्रश्नों से जहां समय प्रबंधन बेहतर होता है वहीं वर्णनात्मक प्रश्नों से विषय की गहराई समझ में आती है। यह तरीका आगे चलकर प्रतियोगी परीक्षाओं में भी मददगार साबित हो सकता है। परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को चाहिए कि वे रोजाना पढ़ाई का एक निश्चित समय तय करें। केवल किताब पढ़ने के बजाय प्रश्नों का अभ्यास करें। मॉडल पेपर और पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र हल करना बेहद फायदेमंद रहेगा।

