बगैर टीइटी वाले शिक्षकों को छूट मिलेगी या नहीं सरकार ने कर दिया साफ Teacher TET News

Published on: January 22, 2026
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Teacher TET News: सरकारी स्कूलों में शिक्षक बने रहने और प्रमोशन चाहने वाले शिक्षकों को अब शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करना जरूरी होगा। सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश के परिप्रेक्ष्य में महाराष्ट्र सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रमोशन नियमों को लेकर बनी भ्रम की स्थिति को समाप्त कर दिया है और स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि विभाग के अनुसार केवल वे शिक्षक प्रमोशन लेने के पात्र माने जाएंगे, जिन्होंने शिक्षक पात्रता परीक्षा के साथ अन्य सभी जरूरी योग्यताएं पूरी कर ली हैं। इसके अतिरिक्त, सेवा में बने रहने के लिए भी शिक्षकों के लिए टीईटी जरूरी बताया गया है।

प्रमोशन के लिए जरूरी होगा टीईटी

विभाग के अनुसार अब सभी शिक्षकों के लिए प्रमोशन हेतु शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करना होगा। इसके साथ-साथ अन्य योग्यताएं भी पूरी करनी होंगी। हाल ही में आए सुप्रीम कोर्ट आदेश के बाद यह स्पष्टीकरण विभाग ने दिया है, जिसमें शिक्षक पात्रता परीक्षा को न केवल नए शिक्षकों के लिए जरूरी बताया गया है, बल्कि प्रमोशन पाने वाले सभी शिक्षकों के लिए भी शिक्षक पात्रता परीक्षा अनिवार्य कर दी गई है।

सेवा में बने रहने के लिए भी टीईटी जरूरी

प्रमोशन में पॉइंट जरूरी होगी, साथ ही सेवा में बने रहने के लिए भी शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करना जरूरी कर दिया गया है। पहले जिन शिक्षकों की रिटायरमेंट आयु में 5 वर्ष या उससे कम समय शेष था, उन्हें शिक्षक पात्रता परीक्षा से छूट मिली हुई थी। हालांकि विभाग ने साफ कर दिया है कि अब 5 वर्ष से अधिक सेवा वाले शिक्षकों पर टीईटी छूट लागू नहीं होगी, उन्हें शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करना जरूरी होगा। हालांकि ऐसे शिक्षक जो 5 साल से पहले रिटायर होने वाले हैं और प्रमोशन लेना चाहते हैं, तो फिर उन्हें टीईटी से छूट नहीं दी जाएगी। उन्हें भी शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करनी होगी।

नवंबर 2027 तक टीईटी पास करने का समय

राज्य सरकार ने शिक्षकों को नवंबर 2027 तक शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करने का समय दिया है, जिसके भीतर वे टीईटी पास कर सकते हैं। यदि इस अवधि के दौरान शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करते हैं, तो वे प्रमोशन के लिए पात्र माने जाएंगे और सेवा में बने रहने के लिए भी पात्र होंगे। इस समय सीमा के बाद शिक्षक संवर्ग में सभी पदोन्नतियों के लिए टीईटी पास करना जरूरी होगा।

इन सभी पदों के लिए लागू होगी टीईटी की योग्यता

सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के अनुसार राज्य परीक्षा परिषद ने विभागीय परीक्षाओं की पात्रता शर्तों में बदलाव करते हुए शिक्षक पात्रता परीक्षा को अनिवार्य कर दिया है। यह शर्त टीजीटी शिक्षक, प्राचार्य, ग्रुप रिसोर्स सेंटर कोऑर्डिनेटर, एक्सटेंशन अधिकारी, सहायक अध्यापक जैसे पदों पर भी लागू होगी। इसके बाद प्राथमिक शिक्षा निदेशक ने इन पदों पर प्रमोशन को लेकर राज्य सरकार से स्पष्ट निर्देश मांगे थे, जिसके जवाब में शिक्षा विभाग ने स्पष्ट करते हुए एनसीटीई और केंद्र सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग को पत्र भेजा है, जिसका अभी इंतजार है।

नवंबर 2027 के बाद टीईटी योग्यता पर विचार हो

शिक्षक संगठनों ने इस निर्णय को लेकर गहरी चिंता जताई है। राज्य प्राचार्य संघ के पूर्व उपाध्यक्ष द्वारा सरकार को सुझाव दिया गया है कि नवंबर 2027 में 2 वर्ष की अवधि समाप्त होने के बाद अध्यापक शिक्षक पात्रता परीक्षा की योग्यता पर विचार किया जाना चाहिए। लंबे समय से पढ़ा रहे शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करना अन्यायपूर्ण होगा और व्यवस्था में भी असमानता आएगी।

अन्य राज्यों में सुप्रीम कोर्ट आदेश का असर

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा यह आदेश पूरे देश के शिक्षकों के लिए दिया गया है, जिससे देशभर में लगभग 10 लाख से अधिक शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं। महाराष्ट्र के बाद अन्य प्रदेश भी सुप्रीम कोर्ट आदेश को लेकर स्पष्टीकरण दे सकते हैं। हालांकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को भी शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करना जरूरी बताया गया है।

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