इस देश के स्कूलों में मोबाइल फोन बैन! कैलकुलेटर के तौर पर भी यूज न करने की पावंदी Mobile Phone Ban In School

Published on: January 29, 2026
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Mobile Phone Ban in England: छोटे बच्चों से लेकर पढ़ने वाले बड़े बच्चों तक फोन हानिकारक माना जाता है किसी को लेकर इंग्लैंड के स्कूलों से जुड़ी एक अहम खबर इस समय चर्चा में है। वहां की सरकार ने साफ निर्देश दिए हैं कि अब स्कूलों में बच्चों के मोबाइल फोन इस्तेमाल पर पूरे दिन रोक रहेगी। यह नियम सिर्फ पढ़ाई के समय नहीं, बल्कि ब्रेक, लंच और क्लास बदलने के दौरान भी लागू होगा। सरकार का मानना है कि मोबाइल फोन बच्चों का ध्यान पढ़ाई से हटाता है और उनका फोकस कमजोर करता है।

यह फैसला खास तौर पर स्कूल जाने वाले बच्चों, उनके माता-पिता और शिक्षकों के लिए है। हाल के वर्षों में यह देखा गया है कि मोबाइल और सोशल मीडिया की वजह से बच्चों की एकाग्रता पर असर पड़ा है। इसी वजह से सरकार चाहती है कि स्कूल का माहौल पूरी तरह पढ़ाई के लिए हो, ताकि बच्चे बिना किसी डिजिटल रुकावट के सीख सकें।

मोबाइल बैन को लेकर सरकार का क्या कहना है।

बता दें शिक्षा विभाग की तरफ से जारी दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि सभी स्कूलों को खुद यह सुनिश्चित करना होगा कि परिसर में मोबाइल फोन का इस्तेमाल न हो। शिक्षा मंत्री ने साफ कहा है कि स्कूलों में पूरे समय मोबाइल-फ्री माहौल होना चाहिए। इसका मतलब यह है कि छात्र स्कूल आते ही फोन का इस्तेमाल बंद करेंगे और छुट्टी के बाद ही उसे फिर से उपयोग कर पाएंगे।

कैलकुलेटर और रिसर्च के लिए भी नहीं मिलेगी छूट

इसके साथ ही ध्यान रखने वाली बात यह है कि यह बैन सिर्फ सोशल मीडिया या कॉलिंग तक सीमित नहीं है। सरकार ने कहा है कि छात्र मोबाइल फोन को कैलकुलेटर या किसी भी तरह की पढ़ाई से जुड़ी रिसर्च के लिए भी इस्तेमाल नहीं करेंगे। स्कूलों को जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक साधन उपलब्ध कराने होंगे, ताकि पढ़ाई पर असर न पड़े।

हर क्लास में एक जैसे नियम लागू होंगे

इसके साथ ही सरकार ने यह भी साफ किया है कि मोबाइल फोन से जुड़े नियम सभी क्लास और सभी उम्र के छात्रों पर एक जैसे लागू होंगे। ऐसा नहीं होगा कि किसी एक क्लास में सख्ती हो और दूसरी में ढील। पैरेंट्स से भी अपील की गई है कि वे इस फैसले में स्कूलों का साथ दें और बच्चों को नियम समझाने में मदद करें।

टीचर्स के लिए भी जरूरी निर्देश

यह जरूरी है कि शिक्षक भी बच्चों के सामने मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करें। सरकार का मानना है कि अगर टीचर्स खुद फोन का इस्तेमाल करेंगे, तो बच्चों पर गलत असर पड़ेगा। स्कूलों की निगरानी करने वाली एजेंसियां यह भी देखेंगी कि नियमों को सही तरीके से लागू किया जा रहा है या नहीं।

आंकड़े क्या बताते हैं?

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, ज्यादातर प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में पहले से ही मोबाइल फोन को लेकर नीतियां बनी हुई हैं। इसके बावजूद सर्वे में सामने आया है कि बड़ी संख्या में छात्र क्लास के दौरान बिना अनुमति फोन का इस्तेमाल करते हैं। यही वजह है कि अब नियमों को और सख्त करने की जरूरत महसूस की गई।

सोशल मीडिया को लेकर भी तैयारी

मोबाइल फोन के साथ-साथ बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर भी सरकार नजर बनाए हुए है। संकेत दिए गए हैं कि आने वाले समय में इस पर भी कड़े कदम उठाए जा सकते हैं, ताकि बच्चों की ऑनलाइन आदतों को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सके।

कुल मिलाकर सरकार का संदेश साफ है। स्कूल बच्चों के सीखने की जगह हैं, न कि मोबाइल और स्क्रीन पर समय बिताने की। यह फैसला कितना असरदार होगा, यह आने वाले समय में दिखेगा, लेकिन फिलहाल इंग्लैंड के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए यह एक बड़ा बदलाव जरूर है।

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