एजुकेशन लोन लेने में मिलेगा कॉलेज नाम का बड़ा फायदा, बिना पैसे के नहीं रुकेगी पढ़ाई Education Loan New Update

Published on: January 24, 2026
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Education Loan New Update:आज के समय में पढ़ाई की फीस लगातार बढ़ती जा रही है। इंजीनियरिंग, मेडिकल, मैनेजमेंट या विदेश में पढ़ाई का सपना देखने वाले कई छात्रों के सामने सबसे बड़ी परेशानी पैसों की होती है। कई परिवार चाहकर भी भारी फीस एक साथ नहीं जुटा पाते। ऐसे में एजुकेशन लोन छात्रों के लिए बड़ा सहारा बनता है, जिससे पढ़ाई बीच में रुके बिना पूरी की जा सकती है।

एजुकेशन लोन क्यों जरूरी हो गया है

कॉलेज और यूनिवर्सिटी की फीस पिछले कुछ सालों में काफी बढ़ी है। मिडिल क्लास परिवारों के लिए पूरी फीस खुद से भर पाना आसान नहीं होता। कई बार छात्र अपनी पसंद का कोर्स छोड़ने तक की सोचने लगते हैं। एजुकेशन लोन इस चिंता को कम करता है। इससे छात्र अपनी पढ़ाई पर ध्यान दे पाते हैं और फीस की टेंशन कम हो जाती है।

कौन कर सकता है एजुकेशन लोन के लिए आवेदन

जो छात्र किसी मान्यता प्राप्त कॉलेज या यूनिवर्सिटी में दाखिले के लिए चयनित हो चुके हैं, वे एजुकेशन लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसमें इंजीनियरिंग, मेडिकल, मैनेजमेंट, लॉ और दूसरे प्रोफेशनल कोर्स शामिल होते हैं। लोन में मुख्य आवेदक छात्र होता है और माता-पिता या अभिभावक को-एप्लिकेंट होते हैं। बैंक छात्र के पढ़ाई के रिकॉर्ड और परिवार की आर्थिक स्थिति को देखकर फैसला लेते हैं।

एजुकेशन लोन के लिए जरूरी दस्तावेज

एजुकेशन लोन लेते समय कुछ जरूरी कागजात देने होते हैं। इसमें 10वीं और 12वीं की मार्कशीट, छात्र और माता-पिता का पहचान पत्र, आधार कार्ड, बैंक पासबुक, कॉलेज या यूनिवर्सिटी का एडमिशन लेटर और फीस स्ट्रक्चर शामिल होता है। इसके अलावा एंट्रेंस एग्जाम का रिजल्ट और माता-पिता के आय से जुड़े कागजात भी मांगे जाते हैं। सभी दस्तावेज पूरे होने पर लोन प्रक्रिया आसान हो जाती है।

इंस्टिट्यूट का चयन क्यों होता है अहम

एजुकेशन लोन में कॉलेज या यूनिवर्सिटी का नाम भी बहुत मायने रखता है। अच्छे और जाने-माने संस्थानों में दाखिले पर बैंक लोन जल्दी पास करते हैं। ऐसे मामलों में कम ब्याज दर और बिना किसी गारंटी के लोन मिलने की संभावना बढ़ जाती है। कई बैंकों के पास पहले से तय संस्थानों की सूची होती है, जिससे लोन प्रक्रिया तेज हो जाती है।

कितनी रकम तक मिल सकता है लोन

एजुकेशन लोन की राशि कोर्स और कॉलेज पर निर्भर करती है। देश के अच्छे संस्थानों के लिए कई बार बिना किसी गारंटी के बड़ी रकम तक का लोन मिल सकता है। इस लोन में सिर्फ ट्यूशन फीस ही नहीं बल्कि हॉस्टल खर्च, किताबें, पढ़ाई से जुड़ा सामान और कुछ दूसरे जरूरी खर्च भी शामिल किए जाते हैं। इससे छात्र को अलग-अलग खर्चों के लिए परेशान नहीं होना पड़ता।

एजुकेशन लोन पर ब्याज दर की जानकारी

एजुकेशन लोन पर ब्याज दर बैंक के हिसाब से अलग-अलग होती है। आम तौर पर यह दर 8 से 12 प्रतिशत के बीच रहती है। कई बैंकों में छात्राओं को थोड़ी कम ब्याज दर का फायदा भी मिलता है। लोन लेने से पहले बैंक से मौजूदा ब्याज दर की सही जानकारी जरूर लेनी चाहिए ताकि बाद में कोई परेशानी न हो।

मोरिटोरियम पीरियड से मिलती है राहत

एजुकेशन लोन की सबसे अच्छी बात इसका मोरिटोरियम पीरियड होता है। इस दौरान छात्र को लोन की किश्त नहीं चुकानी होती। आम तौर पर यह समय कोर्स खत्म होने के बाद कुछ महीनों तक का होता है। इससे छात्र को नौकरी ढूंढने और अपनी कमाई शुरू करने का समय मिल जाता है। इसके बाद ही लोन की किस्तें शुरू होती हैं।

एजुकेशन लोन लेने से पहले सभी शर्तें ध्यान से समझ लें। ब्याज दर, मोरिटोरियम पीरियड और चुकाने की अवधि की सही जानकारी रखें। किसी भी तरह की जल्दबाजी से बचें और जरूरत पड़ने पर बैंक से साफ सवाल पूछें। सही जानकारी के साथ लिया गया एजुकेशन लोन पढ़ाई को आसान बनाता है और भविष्य को मजबूत करने में मदद करता है।

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